Kitabikeeda to sabhi h .......be a storyworm

kabhi yu hi hota hai

कभी यूँ भी होता है कि पता होता है कि हम जीत नहीं सकते और हम कोशिश ही नहीं करते या फिर जो हमसे आगे है उसकी हार की दुआएं मांगते हैं।
हालांकि इस सबसे होता कुछ नहीं, निराशा के सिवा।
तो होना ये चाहिए कि जब पता हो कि आप जीत नहीं सकते तो सबसे बेहतरीन का पीछा करिये और उनके दिन पर दिन बेहतर होने की दुआ मांगिये।
क्योंकि जितने बेहतर वो होंगे हम उन्हें हराने की उतनी ज्यादा कोशिश करेंगे।
यकीं करिये आपसे बेहतरीन ही आपके बेहतर होने की वजह हैं।
हाँ, इस भाग-दौड़ में जिनके लिए आप बेहतर हैं उन्हें प्रोत्साहित करना और जो आपसे बेहतर हैं उनकी प्रसंशा करना मत भूलिए। यही सही तरीका है स्पर्धा का।



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